चाइनीज मोमोज पर भारी हिमाचल के सिड्डू .

  चाइनीज मोमोज पर भारी हिमाचल के सिड्डू


कल हम लोगों ने हिमाचल की एक बेहद जायकेदार Street food  खाई। नाम है उसका सिडडू। स्टीम पर पकने के कारण यह आपको चाइनीज परिवार का सदस्य लग सकता है, लेकिन वास्तव में मोमोज से यह कई गुणा स्वादिष्ट है। इसे बिहार के पिट्ठा या यूपी के फर्रे का समव्यंजन कह सकते हैं। यह शाम के स्नैक्स के रूप में भी यहां लिया जाता है। भले ही इसे कुल्लू का जायकेदार व्यंजन माना जाता है, लेकिन ज्यादातर हिमाचल वासी इसे बड़े चाव से खाते हैं। गेहूं  के आटे में जरूरत के हिसाब से ड्राई यीस्ट डालकर उसे गूंथा जाता है। इस आटे को कई घण्टे तक छोड़ दिया जाता है, जिससे यह  फ्लपी हो जाता है। फिर उसमें पिसी हुई धुली उरद की दाल, पिसी अदरक, छिलके उतार कर पिसे अखरोट व हरी धनिया पत्ती का भरावन डालकर उसे गुझिया का शेप दे दिया जाता है।  फिर इसे स्टीम पर पकाया जाता है। जो सिड्डू हमें खाने को मिला था, उसका आकार बहुत बड़े गुझिया जैसा था। पकने के बाद उसे पीसेज में काटकर बिना छिलके के पानी में भिगोए अखरोट-धनिया पत्ती की चटनी व लहसुन-लाल मिर्च की चटनी के साथ परोसा जाता है। ऊपर से देसी घी या पिघला मख्खन भी उड़ेल दिया जाता है, जिससे इसका स्वाद कई गुणा बढ़ जाता है। कहीं-कहीं भरावन में हरी मटर या कई दूसरी चीजें भी डाली जाती हैं। 

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