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अगला दलाई लामा हो सकती है स्त्री, दलाई लामा ने दिया संकेत

पुनर्जन्म और उसकी खोज की प्रक्रिया पर आधारित होता है तिब्बत के धर्म गुरु का चयन. दलाई लामा ने संकेत दिया कि वे 6 जुलाई को अपने जन्मदिन समारोह के अवसर पर नए दलाई लामा की घोषणा कर सकते हैं, यह एक स्त्री भी हो सकती है या पुरुष. तिब्बती समुदाय के धर्मगुरु दलाई लामा का 6 जुलाई को 90वां जन्मदिन धर्मशाला के मैक्लोडगंज स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर त्सुग्लाखांग में मनाया जाएगा. इस समारोह का आयोजन डोमी प्रांत के मूल निवासियों द्वारा किया जाएगा, जो दलाई लामा का जन्मस्थान भी है. जन्मदिन समारोह से पहले इस बात की चर्चा हो रही है कि दलाई लामा अपने जन्मदिन के अवसर पर अपने उत्तराधिकारी की घोषणा कर सकते हैं. तिब्बती बौद्ध धर्म में नए दलाई लामा का चयन विशेष पारंपरिक प्रक्रिया के जरिए किया जाता है. ये पुनर्जन्म से भी जुड़ा होता है. इस प्रक्रिया में चीन बाधा डालना चाहता है. कौन हैं दलाई लामा (Dalai Lama) तेनजिन ग्यात्सो, चौदहवें दलाई लामा हैं. वे तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू हैं. उनका जन्म 6 जुलाई 1935 को उत्तर-पूर्वी तिब्बत के ताकस्तेर क्षेत्र में रहने वाले ओमान परिवार में हुआ था. दला...

हाथों से खाना खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है या हानिकारक

अमेरिकी राजनेता और फिल्मकार मीरा नायर के पुत्र ज़ोहरान ममदानी इन दिनों हाथों से खाना खाते हुए वीडियो अपलोड करने के कारण चर्चा में हैं. अमेरिका में हाथों से खाना खाने वाले को गंवार कहा जा रहा है, जबकि कई शोध इसे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बताते हैं. फिल्मकार मीरा नायर के पुत्र ज़ोहरान ममदानी इन दिनों चर्चा में हैं. ज़ोहरान एक अमेरिकी राजनेता हैं और 2021 से न्यूयॉर्क राज्य विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं. वे न्यूयॉर्क सिटी मेयर के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हैं. पिछले दिनों उन्होंने अपना हाथ से खाना खाते हुए वीडियो सोशल साइट पर डाला. उन्होंने फोटो कैप्शन में लिखा-हाथ से खाना खाना मजेदार और स्वास्थ्य के लिए बढ़िया है. उनके इस वीडियो के लिए उनकी विरोधी रिपब्लिकन पार्टी ने लिखा कि हाथ से खाना खाने वाले लोग गंवार होते हैं और यह अन्हाईजेनिक भी है. कुछ शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि हाथ से खाना खाना पाचन तंत्र के लिए बढ़िया है. क्या है हाथ से खाना खाना हाथ से खाना खाना एक कल्चरल प्रैक्टिस है. यह खास तौर पर दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में आम बात है. शो...

क्या इस साल रक्षाबंधन पर पड़ेगा भद्रा का साया, जानें कब से कब तक है भद्रा की अवधि

भद्रा नकारात्मकता और विनाश से जुड़ा समय माना जाता है. कभी-कभी राखी बांधने की अवधि के दौरान भी इसका समय होता है. इस साल भद्रा 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होगी और 9 अगस्त को सुबह 1:52 बजे समाप्त होगी. रक्षाबंधन 9 अगस्त को है. इसलिए भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा. भाई-बहन पूरे दिन राखी बांध सकते हैं. राखी यानी रक्षा बंधन के समय कभी-कभी भद्रा का समय रहता है. दिन के समय भद्रा एक अशुभ अवधि होती है. इस समय राखी बांधना अशुभ माना जाता है. भद्रा नकारात्मकता और विनाश से जुड़ा समय माना जाता है. भद्र को शनि देवता की बहन माना जाता है. जानते हैं इस वर्ष भद्रा काल रहेगा या नहीं. कब है रक्षाबंधन इस साल रक्षाबंधन 2025 9 अगस्त को है. रक्षाबंधन 2025 के लिए शुभ मुहूर्त है- सुबह 5 बजकर 47 मिनट से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक. यह राखी बांधने के लिए बहुत अच्छा समय है. कब है रक्षाबंधन पर भद्रा का साया पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा की तिथि 8 अगस्त को दोपहर 02.12 पी एम से लग रही है. उस समय से ही भद्रा लग जा रही है. यह भद्रा रक्षाबंधन वाले दिन 9 अगस्त को 01:52 ए एम तक रहेगी. भद्रा के कारण कब बांधें राखी ...

अमरनाथ गुफा में दर्शन देते हैं बाबा बर्फानी, क्या है अमरता का रहस्य

बाबा बर्फानी शिवजी जुलाई से अगस्त महीने तक जम्मू-कश्मीर के अमरनाथ गुफा में विराजेंगे. 3 जुलाई से बाबा के भक्त बालटाल और अनन्तनाग के रास्ते भगवान बर्फानी के दर्शन लिए निकाल पड़ेंगे. जानते हैं अमरनाथ शिवलिंगम की कथा और यहां तक कैसे पहुंचें. शिव ही सत्य और सुंदर हैं. बर्फ लिंगम के रूप में बाबा बर्फानी शिवजी अमरनाथ गुफा में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं. महादेव शंकर के दर्शनार्थ आज भक्तों का पहला जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से रवाना हो गया है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भगवती नगर बेस कैंप से यात्रा को हरी झंडी दिखाई. यात्री दोपहर बाद कश्मीर घाटी पहुंचेंगे. हालांकि आधिकारिक तौर पर यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से होगी. यह यात्रा 9 अगस्त तक चलेगी. जानते हैं अमरनाथ शिवलिंगम की कथा और यहां तक कैसे पहुंचें. अमरनाथ शिवलिंगम पौराणिक कथा (Amarnath Gufa Mythological Story) जम्मू -कश्मीर में अमरनाथ गुफा स्थित शिवलिंगम का दर्शन करने के लिए तीर्थयात्री अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं. यहां भगवान शिव कुछ विशेष दिनों तक प्राकृतिक बर्फ के शिवलिंग के रूप में विराजते हैं. पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने...

क्या कोविड वैक्सीन से दिल का दौरा पड़ सकता है? जानिए क्या कहते हैं ICMR और AIIMS के गहन शोध

मॉडल और अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की अचानक मौत के बाद कोविड वैक्सीन के कार्डियक अरेस्ट का कारण होने पर इन दिनों बहस छिड़ गई है. इसी संदर्भ में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा किए गए व्यापक शोध के निष्कर्ष को शेयर किया है. इसके अनुसार, कोविड-19 वैक्सीन और कार्डियेक अरेस्ट में कोई संबंध नहीं है. मॉडल और अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की अचानक मौत के बाद सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे पोस्ट की बाढ़ आई हुई है, जिनमें दिल के दौरे से होने वाली मौतों में अचानक वृद्धि के लिए कोविड-19 वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इस बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान जारी करके इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि दिल के दौरे और वैक्सीन के बीच कोई निर्णायक संबंध नहीं है. इस बयान का समर्थन करने के लिए मंत्रालय ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा किए गए व्यापक शोध को भी शेयर किया. कोविड-19 वैक्सीन और दिल के दौरे में कोई संबंध नहीं ((Covid -19 Vaccine & ...

Raksha Bandhan 2025 : शुभ मुहूर्त में बांधें राखी, जानें इसकी कथा और पूजा विधि

Raksha Bandhan 2025 : रक्षा बंधन शनिवार, 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा. पवित्र धागा राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक है. जानें रक्षा बंधन की पौराणिक कथा और पूजा विधि. रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव मनाने का दिन है. इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्यार और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में राखी बांधती हैं. दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करते हैं. इस त्योहार की उत्पत्ति के बारे में कई प्रचलित पौराणिक कथायें हैं. सबसे पहले जानते हैं राखी बांधने का शुभमुहूर्त. रक्षा बंधन की तारीख और शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2025 Dates & Shubh Muhurt) पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होगी और 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी. हिंदू धर्म में सूर्य की उदय तिथि महत्वपूर्ण होने के कारण रक्षा बंधन शनिवार, 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा. राखी बांधने का शुभ समय: सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक. क्या है रक्षा बंधन की पूजा विधि (Raksha Bandhan Puja Vidhi) रक्षा बंधन पूजा में बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है. उसकी सलामती की प्...

कम उम्र की दिखने के लिए खुद से दवा लेना Self Medication बना शेफाली जरीवाला के लिए मौत का कुआं

अपने मन से दवा लेना यानी सेल्फ मेडिकेशन का सहारा ले रही थीं शेफाली जरीवाला. परिणाम मौत के रूप में सामने आया. जानते हैं कितना खतरनाक है सेल्फ मेडिकेशन अभिनेत्री और मॉडल शेफाली जरीवाला की मौत के पीछे एंटी एजिंग दवाओं और सेल्फ मेडिकेशन को जिम्मेदार माना जा रहा है. आशंका जताया जा रहा है कि शेफाली ताउम्र युवा बनी रहना चाहती थीं. युवा दिखने की चाहत में बिना डॉक्टर की सलाह के वे खुद से दवाएं ले लही रही थीं. यही बात उनके लिए जानलेवा साबित हुई. संभव है कि कुछ दवाओं ने उनपर उल्टा असर दिखाया होगा. इन दिनों गूगल जेमिनी और मेटा ए आई के जमाने में ज्यादातर लोग सेल्फ मेडिकेशन लेने लगते हैं. जानते हैं कितना खतरनाक है ये सेल्फ मेडिकेशन या खुद से दवा लेना. क्या है स्व-चिकित्सा (Self-medication) जर्नल ऑफ़ मेडिसिन एंड लाइफ के अनुसार, स्व-चिकित्सा यानी बिना किसी पेशेवर हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह के या स्वयं निदान कर बीमारियों या लक्षणों का इलाज करने के लिए ओवर-द-काउंटर या प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का उपयोग करना इसके अंतर्गत आता है. इसमें बची हुई दवाओं का उपयोग करना, दोस्तों या परिवार से दवा लेना या बिना प्...

Anti Aging Medicines Health Hazards : शेफाली जरीवाला के लिए जानलेवा साबित हुई एंटी एजिंग दवा

हाल में मात्र 42 वर्ष वर्ष की उम्र में ‘कांटा लगा गर्ल’ शेफाली जरीवाला की मौत हो गई है. डॉक्टरों को शेफाली की मौत के शुरुआती कारणों में ‘लो बीपी और कार्डियक अरेस्ट’ होने का संदेह है. उनकी मौत पर आशंका यह भी जताई जा रही है कि शेफाली जरीवाला के लिए एंटी एजिंग दवायें जानलेवा साबित हुईं. हाल में मात्र 42 साल की उम्र में ‘कांटा लगा गर्ल’ शेफाली जरीवाला की मौत हो गई. अपने आकर्षक चेहरे और नृत्य कौशल के कारण 2000 के दशक में अभिनेत्री और मॉडल शेफाली लोगों की सबसे पसंदीदा आइकन में से एक थीं. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेत्री को आधी रात को कार्डियक अरेस्ट के बाद उनके पति पराग त्यागी और तीन अन्य लोगों ने उन्हें बेलेव्यू मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल ले गए, जहां बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. रिपोर्ट यह भी है कि बिग बॉस 13 सहित कई रियलिटी शोज में दर्शकों की पसंदीदा अभिनेत्री अपनी बढ़ती हुई उम्र को रोक लेना चाहती थीं. इसलिए वे एंटी एजिंग दवाएं ले रही थीं. शोध बताते हैं कि एंटी एजिंग दवाओं के बहुत अधिक साइड इफेक्ट हैं. दवा जानलेवा भी साबित (Anti Aging Medicines Health Hazards) हो सक...

Weak Hand Grip : हाथों की ग्रिप बढ़िया नहीं होने पर भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और डायबिटीज का खतरा, स्टडी

Weak Hand Grip : सुप्रसिद्ध मेडिकल मैगजीन लैंसेट ने 17 देशों के 1.4 लाख लोगों के हाथों की ग्रिप पर स्टडी की. स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों की ग्रिप कमजोर थी, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा था. हाथों की पकड़ कमजोर (Weak Hand Grip) होने पर ऑस्टियोपोरोसिस, मोटापा और कमजोर याददाश्त जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ जाती है. हमारे हाथों की पकड़ यानी हैंड ग्रिप से मतलब हम चीजें पकड़ने से लगाते हैं. हाल की एक स्टडी से यह साफ़ हो चुका है कि यह हमारी सेहत के बारे में भी बहुत-कुछ बता देता है. एक रिसर्च में यह सामने आया है कि कमजोर ग्रिप हार्ट अटैक, स्ट्रोक, मोटापा और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी होती है. सुप्रसिद्ध मेडिकल पत्रिका द लैंसेट ने 17 देशों में 1.4 लाख लोगों पर की गई स्टडी में पाया कि जिन लोगों की ग्रिप कमजोर थी, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा था. हाथों की पकड़ (Weak Hand Grip) कमजोर होने पर ऑस्टियोपोरोसिस, मोटापा और मेमोरी लॉस होने जैसी समस्याओं के भी संकेत मिल सकते हैं. किन लोगों की ग्रिप होती है कमजोर (Weak Hand Grip) डॉक्टर अक्सर ग्र...

Shravan Month : शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद खाएं या नहीं

इस वर्ष श्रावण माह 11 जुलाई से शुरू हो रहा है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस वर्ष सावन माह में दुर्लभ संयोग बन रहा है. सावन माह के दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, शिव योग जैसे शुभ योगों का संयोग बन रहे हैं. इस वर्ष श्रावण माह 11 जुलाई से शुरू हो रहा है. 10 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा है. 11 जुलाई से गुरु आदित्य योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिसमें श्रावण माह की भी शुरुआत होगी. इस वर्ष आयुष्मान और सौभाग्य योग के साथ 9 अगस्त को स्नानदान की पूर्णिमा और रक्षाबंधन के साथ सावन का समापन हो जाएगा. सावन का पहला सोमवार व्रत 14 जुलाई को, दूसरा 21 जुलाई को, तीसरा 28 जुलाई को और चौथा सोमवार व्रत 4 अगस्त को होगा. दुर्लभ है सावन माह का संयोग ज्योतिषाचार्य अनिल जैन के अनुसार, इस वर्ष सावन माह में दुर्लभ संयोग बन रहा है. सावन माह के दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, शिव योग जैसे शुभ योगों का संयोग बन रहे हैं. इस साल कुल 4 सावन सोमवार पड़ रहे हैं. सावन सोमवार के चार व्रत के अलावा, इस माह में हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी, कामिका एकादशी, सावन पुत्रदा एकादशी...

अगला दलाई लामा हो सकती है स्त्री, दलाई लामा ने दिया संकेत

पुनर्जन्म और उसकी खोज की प्रक्रिया पर आधारित होता है तिब्बत के धर्म गुरु का चयन. दलाई लामा ने संकेत दिया कि वे 6 जुलाई को अपने जन्मदिन समारोह के अवसर पर नए दलाई लामा की घोषणा कर सकते हैं, यह एक स्त्री भी हो सकती है या पुरुष. तिब्बती समुदाय के धर्मगुरु दलाई लामा का 6 जुलाई को 90वां जन्मदिन धर्मशाला के मैक्लोडगंज स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर त्सुग्लाखांग में मनाया जाएगा. इस समारोह का आयोजन डोमी प्रांत के मूल निवासियों द्वारा किया जाएगा, जो दलाई लामा का जन्मस्थान भी है. जन्मदिन समारोह से पहले इस बात की चर्चा हो रही है कि दलाई लामा अपने जन्मदिन के अवसर पर अपने उत्तराधिकारी की घोषणा कर सकते हैं. तिब्बती बौद्ध धर्म में नए दलाई लामा का चयन विशेष पारंपरिक प्रक्रिया के जरिए किया जाता है. ये पुनर्जन्म से भी जुड़ा होता है. इस प्रक्रिया में चीन बाधा डालना चाहता है. कौन हैं दलाई लामा (Dalai Lama) तेनजिन ग्यात्सो, चौदहवें दलाई लामा हैं. वे तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू हैं. उनका जन्म 6 जुलाई 1935 को उत्तर-पूर्वी तिब्बत के ताकस्तेर क्षेत्र में रहने वाले ओमान परिवार में हुआ था. दला...

एक्ने और पिंपल्स के लिए कच्चा शहद

रॉ हनी में एंटीबैक्टीरियल और सूदिंग गुण होते हैं, जो स्किन इन्फ्लेमेशन दूर करते हैं। मां कहती है कि शहद को यदि नियमित रूप से लगाया जाए, तो यह एक्ने और पिंपल्स को ठीक कर सकता है। स्किन की कई सारी समस्याएं हैं, लेकिन मुहांसों से सबसे ज़्यादा परेशानी होती है। यह बिना बताए आता है और त्वचा पर दाग-धब्बे छोड़ जाता है। मुहांसों से तुरंत छुटकारा पाने की कोशिश में हम कई तरह के घरेलू नुस्खे आज़माते हैं। इन्हें हम नियमित तौर पर इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। इन्हें लगाना आसान नहीं होता है, क्योंकि कई सारे स्टेप्स फॉलो करने पड़ते हैं। मां कहती है कि शहद मुंहासों को ठीक कर देता है। इसे स्किन पर अप्लाई करना भी आसान है। जानते हैं क्या शहद वास्तव में काम (Raw Honey for Pimples) करता है? इसे किस तरह लगाया जाए? कैसे शहद मुहांसों को खत्म करता है(Raw Honey for Pimples)? न्यूट्रिएंट जर्नल के अनुसार, शहद में फैटी एसिड, विटामिन बी, पेप्टाइड्स, अमीनो एसिड, एंटीऑक्सीडेंट आदि जैसे पोषक तत्व होते हैं ये मुंहासों पर सूदिंग इफेक्ट डालते हैं। शहद इंफ्लेमेटरी और रेडिश स्किन वाले मुहांसों पर सबसे अच्छी तरह काम क...

इन 5 तरह की पत्तियों से किया जा सकता है एक्ने का घरेलू उपचार

धूप, धूल और पसीना के कारण स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं और एक्ने हो जाता है। मां बताती है कि प्रकृति में मौजूद 5 अलग-अलग तरह की पत्तियों को स्किन पर अप्लाई करने से एक्ने या मुंहासों से छुटकारा पाया जा सकता है। जानते हैं कौन हैं वे 5 पत्तियां। गर्मी के दिन अब शुरू होने वाले हैं। धूप, पसीना, धूल कण-ये सभी स्किन को गंदा कर सकते हैं। स्किन पोर्स को बंद कर सकते हैं। इससे स्किन टैन होने की समस्या के साथ-साथ एक्ने की भी वजह बन सकते हैं। यदि स्किन प्रोडक्ट पर विश्वास नहीं हैं, तो प्राकृतिक उपचार आजमा सकती हैं। घरेलू उपाय के तौर पर इन्हें स्किन पर एप्लाई किया जा सकता है। मां कहती है कि प्रकृति में मौजूद 5 अलग-अलग तरह की पत्तियों को स्किन पर अप्लाई कर एक्ने या मुंहासों से छुटकारा (-5 leaves for acne treatment) पाया जा सकता है। क्यों होते हैं एक्ने (acne) जर्नल ऑफ़ स्किन केयर के अनुसार, स्किन पोर गंदगी और डेड स्किन सेल से बंद हो जाते हैं। इससे स्किन की सतह पर एक्ने होने लगते हैं। एक्ने का रूप अलग-अलग हो सकता है। यह व्यक्ति-दर-व्यक्ति भी अलग-अलग होता है। इसके कारण व्हाइटहेड्स, ब्लैकह...

तेजी से वजन घटाना चाहती हैं, तो पियें दिन में दो बार आंवला चाय

एक्सरसाइज के साथ-साथ हेल्दी ड्रिंक या फ़ूड भी वजन घटाने में मदद करते हैं। हेल्दी ड्रिंक यदि टेस्टी टी हो तो वजन घटाना मजेदार भी हो जाता है। आंवला से तैयार चाय प्राकृतिक रूप से वजन कम करने में आपकी मदद कर सकती है। आंवला स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। आंवले का मुरब्बा तो आपने सर्दियों में खूब खाया होगा। अब तो गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए आंवले के जूस का भी प्रयोग करने लगी होंगी। यह तीखा-कड़वा फल पोषक तत्वों से भरपूर है। यह औषधीय गुणों वाला है। इसलिए इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं और उपचारों में किया जाता है। क्या आप जानती हैं कि आंवले से आप चाय भी तैयार कर सकती हैं। यह नेचुरल टी वेट लॉस में भी आपकी मदद कर सकता है। इस चाय को तैयार करने की विधि (amla tea for weight loss) जानने से पहले आंवला किन विटामिन और मिनरल से भरपूर है, जान लेते हैं। विटामिन और मिनरल से भरपूर (Amla nutrients) आधा कप आंवला में 33 कैलोरी, 1 ग्राम से कम प्रोटीन, 1 ग्राम से कम फैट, 8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 3 ग्राम फाइबर, 0 ग्राम चीनी होती है। आंवला में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन सी, विटामिन ई, क...

Agra Kailash Temple : स्वयं परशुराम और उनके पिता ऋषि जमदग्नि ने यहां स्थापित किया दो शिवलिंग

Agra Kailash Temple : आगरा स्थित दो शिवलिंग वाला कैलाश मंदिर इन दिनों चर्चा में है. मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए हाल में कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी गई है। मान्यता है कि यह मंदिर हजारों साल पुराना है. यहां दो शिवलिंग हैं-, एक दृश्यमान और दूसरा अदृश्य. आगरा स्थित कैलाश मंदिर में इन दिनों जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है. हाल में कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी गई है। इसलिए यह मंदिर एक बार फिर चर्चा में है. मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए ₹40 करोड़ आवंटित किया गया है. साथ ही, एक महत्वपूर्ण जीर्णोद्धार परियोजना भी चल रही है. मान्यता है कि मंदिर में दो शिवलिंग हैं, एक दृश्यमान और दूसरा छिपा हुआ. कथा है कि इस हजारों साल पुराने मंदिर (Agra Kailash Temple) से महर्षि परशुराम और उनके पिता ऋषि जमदग्नि का संबंध है. हजारों साल पुराना मंदिर (Agra Kailash Mandir History) आगरा का कैलाश मंदिर सिकंदरा के पास यमुना नदी के तट पर स्थित है. यह मथुरा-आगरा मार्ग पर है. इसे आगरा के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है. यह अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता...

Amarnath Yatra 2025 : अमरनाथ यात्रा 2025 की औपचारिक शुरुआत, बर्फ के रूप में मौजूद शिवलिंग ज्योतिर्लिंग में शामिल हैं या नहीं

Amarnath Yatra 2025 : तवी नदी तट पर पूजा के साथ ही अमरनाथ यात्रा 2025 की औपचारिक शुरुआत हो गई. आइये जानते हैं कि बर्फ के रूप में मौजूद शिवलिंग ज्योतिर्लिंग में शामिल हैं या नहीं ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर जम्मू में तवी नदी के तट पर पहली पूजा के साथ ही अमरनाथ यात्रा 2025 की औपचारिक शुरुआत हो गई. यह पूजा विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने की. भगवान शिव को समर्पित हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है अमरनाथ गुफा मंदिर. यहां बाबा बर्फानी के रूप में भगवान महादेव विराजते हैं. यहां बर्फ के शिवलिंग ज्योतिर्लिंग नहीं कहलाते हैं. इसके पीछे आध्यात्मिक और धार्मिक कारण हैं. अमरनाथ यात्रा की ज्येष्ठ यात्रा जम्मू में तवी नदी के तट पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ विहिप के कार्यकर्ताओं ने भी ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजा की. ईश्वर का आशीर्वाद पाने के लिए मंत्रोच्चार और प्रसाद भी अर्पित किए गए और अमरनाथ यात्रा की नींव रखी गई. अमरनाथ यात्रा से पहले पहली पूजा करने की यह परंपरा गहरी आध्यात्मिक संस्कृति और हर साल तीर्थयात्रा में भाग लेने वाले लाखों लोगों की आस्था को दर्शाती है. अमरनाथ में शिवलिंग बाबा बर्फा...

AI Role in Healthcare: हेल्थकेयर में AI का काम डॉक्टर और मरीज दोनों के लिए महत्वपूर्ण

AI Role in Healthcare : हेल्थकेयर और मेडिकल प्रोडक्ट डिजाइन में AI की भूमिका महत्वपूर्ण है. सही उपयोग करने पर डॉक्टर और मरीज दोनों के लिए यह मददगार साबित होगा. स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा उत्पाद डिजाइन में AI का भविष्य हेल्थकेयर में AI का तात्पर्य मेडिकल डेटा का विश्लेषण करने और भविष्य की बातें बताने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम और अन्य संज्ञानात्मक तकनीकों के उपयोग से है. यह अंत में रोगी की देखभाल और स्वास्थ्य सेवा संचालन में सुधार करता है. यह एक तेज़ी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है, जिसमें निदान और उपचार से लेकर दवा की खोज और रोगी निगरानी तक विभिन्न क्षेत्रों में चिकित्सा में क्रांति लाने की क्षमता है. स्वास्थ्य सेवा में AI की भूमिका (AI's role in healthcare) स्वास्थ्य सेवा में AI की भूमिका पर इन दिनों बहुत चर्चा हो रही है. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के अनुसार, यह कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है. 1. निदान और उपचार (Diagnosis and Treatment) बेहतर और सटीक परिणाम (Improved Accuracy) ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के अनुसार, AI एल्गोरिदम चिकित्सा छवियों (CT स्कैन, MRI आदि) का मनु...

Healthy Food for Heart : खाएं हेल्दी फ़ूड नहीं होगी दिल की बीमारी, शोध

अमेरिका के हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के अनुसार, हेल्दी फ़ूड कोलेस्ट्रॉल लेवल और वजन घटाकर हृदय रोग के जोखिम को कम करता है. यह ह्रदय रोग के विकसित होने के जोखिम को लगभग 15% कम करता है. कई दशकों तक लगभग 2 लाख लोगों के ह्रदय स्वास्थ्य पर भोजन के प्रभाव का अध्ययन किया गया. इसमें पाया गया है कि जब हृदय स्वास्थ्य की बात आती है, तो खाए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता उतनी ही मायने रखती है जितनी कम कार्बोहाइड्रेट या कम वसा वाले आहार का पालन करना. परिणाम बताते हैं कि हेल्दी, हाई क्वालिटी वाले खाद्य पदार्थों का चयन हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है. कम कार्बोहाइड्रेट और कम वसा वाले आहार घटाते हैं वजन और कोलेस्ट्रॉल पिछले दो दशकों में कम कार्बोहाइड्रेट और कम वसा वाले आहार को स्वास्थ्य के लिए बढ़िया माना जाता है. अमेरिका के हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के अनुसार, हेल्दी फ़ूड से वजन प्रबंधन और ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल सही होता है. इसके कारण ह्रदय भी स्वस्थ रहता है. हृदय रोग के जोखिम को कम करने पर इन आहारों पर आज भी शोध हो रहे हैं. कम का...

Shravan Month 2025: जानें शुरुआत तिथि, धार्मिक महत्व और व्रत त्योहारों की पूरी सूची

Shravan Month 2025 : वैदिक कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा के बाद आने वाला श्रावण मास 11 जुलाई, 2025 को शुरू होकर 9 अगस्त, 2025 को समाप्त हो जाएगा. भोले शंकर का माह कहलाने वाले श्रावण या सावन माह का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक है. श्रावण मास को सावन माह के नाम से भी जाना जाता है. यह भोले शिव शंकर का माह माना जाता है. मान्यता है कि श्रीविष्णु जी के शयन करने (चातुर्मास) के कारण शिवजी ही सृष्टि का संचालन करते हैं. यह महीना धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर भगवान शिव के भक्तों के लिए, जिसमें सावन सोमवार व्रत सहित कई व्रत और त्योहार (Shravan Month 2025) मनाए जाते हैं. कब से कब तक है श्रावण मास (Shravan Month Date & Time 2025) द्रिक पंचांग में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्रावण मास 11 जुलाई 2025, शुक्रवार को रात 11:07 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त 2025, शनिवार को दोपहर 2:08 बजे समाप्त हो जाएगा. आषाढ़ पूर्णिमा 10 जुलाई को दोपहर 1:36 बजे से 11 जुलाई को दोपहर 2:06 बजे तक रहेगा. श्रावण का पहला दिन, जिसे प्रतिपदा के रूप में जाना जाता है. यह 11 जुलाई को होगा. श्रावण माह का ध...

Guru Purnima 2025: जानें गुरु पूर्णिमा का इतिहास और बौद्ध-जैन धर्म में इसकी महत्ता

Guru Purnima 2025: हमारे जीवन में 'गुरुओं' या शिक्षकों का सम्मान करने का दिन है गुरु पूर्णिमा. हिंदू कैलेंडर में यह 'आषाढ़' महीने की पूर्णिमा के दिन पड़ता है. इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा को हम 'व्यास पूजा' के रूप में भी मनाते हैं. गुरु की वंदना करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए इस दिन मंत्रों का जाप किया जाता है. पूरे दिन भक्ति गीत और भजन गाए जाते हैं. गुरु की याद में पवित्र ग्रंथ गुरु गीता का भी पाठ किया जाता है. फूल और उपहार चढ़ाए जाते हैं. ऋषि वेद व्यास की भी पूजा-अर्चना की जाती है. गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2025) के अवसर पर भक्तों के बीच 'प्रसाद' और 'चरणामृत' भी बांटा जाता है. गुरु पूर्णिमा का इतिहास (History of Guru Purnima) गुरु पूर्णिमा की पौराणिक कथा ऋषि वेद व्यास के जन्म से जुड़ी है. ऋषि वेद व्यास को महाभारत और पुराणों का लेखक कहा जाता है. मान्यता है कि उन्होंने वेदों को चार भागों में विभाजित और संपादित किया था. गुरु पूर्णिमा का दिन वेद व्यास का आशीर्वाद लेने के ल...